Virat kohli biography in Hindi | Virat kohli Net worth,education,height,birthday


Virat kohli biography in Hindi | Virat kohli Net worth,education,height,birthday
Image source - Hindustan times

विराट कोहली, यह कोई नाम नहीं बल्कि एक ब्रैंड बन चुका है। आइये जानते हैं की एक समय पर एकदम औसत जीवन जीने वाले विराट कोहली कैसे इतनी महान हस्ती बन सके। इस लेख में विराट कोहली की जीवनी (Cricketer Virat kohli biography in Hindi) को शामिल किया गया है, आशा है की दिया गया विराट कोहली का जीवन परिचय आपको प्रेरणा दे सके।

Indian cricketer Virat kohli biography in hindi 


दिल्ली के एक सामान्य परिवार में जन्में विराट कोहली आज बुलंदियों को छू रहें हैं, ऐसा कोई नहीं है जो उन्हें आज न जानता हो। भारत जैसे विशाल देश जहाँ क्रिकेट को एक धर्म से कम नहीं माना जाता, ऐसे करोड़ों लोगों के हृदय में बसे विराट कोहली भी कभी एक सामान्य थे।

विराट कोहली की सफलता को देखकर बहुत से लोग उन्हें भाग्यशाली मानते होंगे, लेकिन इस सफलता के पीछे उनकी सालों की मेहनत व अपने खेल के प्रति समर्पण है। 

Biography of virat kohli in hindi


सामान्य इंसान जहाँ कुछ दिन भी फास्टफूड के बिना नहीं गुजार पाते, वहीँ विराट कोहली पिछले सात सालों से अपने डाइट को लेकर बहुत ही ज्यादा सख्त है।

विराट कोहली रोज़ाना वर्कआउट और प्रैक्टिस को अपने सबसे जरुरी कामों में शामिल करते हैं और वे अपने फ़िटनेस और माइंडसेट को लेकर भी उतने ही कार्यशील भी हैं।

विराट कोहली का जन्म और शुरुवाती जीवन -Virat kohli birth and early life


विराट कोहली का जन्म 5 नवम्बर सन 1988 में दिल्ली के एक सामान्य वर्ग में हुआ था। विराट कोहली के पिता का नाम प्रेम कोहली, जो दिल्ली में एक क्रिमिनल लॉयर थे। विराट कोहली की माता का नाम सरोज कोहली है जो एक गृहणी हैं।

विराट कोहली का क्रिकेट के प्रति रुझान 3 साल की उम्र में हो गया था, जब वे कपड़े धोने के लकड़े से बैटिंग करते रहते थे और अपने पिताजी को गेंद फेकने को कहते थे। एक बार उनके पड़ोसी उनके घर आये जिन्होंने विराट को किसी क्रिकेट अकैडमी में डालने की बात कही।

सात वर्ष की उम्र में विराट कोहली को साउथ दिल्ली क्रिकेट अकैडमी में दाखिला करवा दिया गया और कुछ इस तरह विराट कोहली का शुरुवाती बचपन क्रिकेट के अगल-बगल चलना शुरू हुआ।

अकैडमी में सभी सफ़ेद कपड़े पहनते थे और विराट कोहली के लिए वाइट ड्रेस उनकी माता जी सिल कर देती थी क्योंकि उनके माप की यूनिफार्म बाजार में मिलती ही नहीं थी, उस वक़्त इतने छोटे थे।

विराट कोहली की शिक्षा - Virat kohli education in Hindi


एक कहावत है की किसी की सफलता उसके श्रम और नियति से तय होती है किताबों और डिग्रीयों से नहीं। इसी कहावत को सही साबित करते कोहली की शिक्षा भी बेहद औसत स्तर की रही। दिल्ली के उत्तम नगर में रहते हुए विराट नजदीक के विशाल भारती हाई स्कूल में दाखिला लिया।

विद्यालय के साथ वे क्रिकेट में भी बराबर ध्यान देते, उनके जाननेवाले कहते हैं की जब वे क्लब जाने लगे थे उसके कुछ ही दिनों बाद वे अपने पिताजी से आकर कहते की उन्हें बड़ों के साथ खेलना है क्योंकि उनके ग्रुप में उन्हें कोई आउट ही नहीं कर पाता।

कक्षा 8 तक एक ही जगह पढ़ते और क्रिकेट खेलते विराट के पिताजी ने उनके कोच राजीवकुमार शर्मा की बात मानी और कक्षा 9 में उनका दाखिला ज़ेवियर कॉन्वेंट स्कूल करवाया। जहाँ से उन्हें और अभ्यास और प्रैक्टिस मैच्स खेलने को मिलने लगा।

क्रिकेट के साथ-साथ विराट पढ़ाई में भी अच्छे थे और अपने शिक्षकों के नज़र में रहा करते थे। उन्होंने ज़ेवियर हाई स्कूल में अपनी शुरुवाती पढ़ाई पूरी की और टूर्नामेंट्स में कई कीर्तिमान अपने नाम किये।

विराट के क्रिकेट कैरियर की शुरुवात


2002-03 में उन्होंने कई जूनियर टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन किया जिसके कारण 2004 में उन्हें (DDCA) दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के तरफ से U-17 के चुना गया। आने वाले विजय मर्चेंट ट्राफी के लिए विराट ने काफी मेहनत की थी इसलिए मर्चेंट ट्राफी में उन्होंने साढ़े चार सौ से भी ज्यादा रन बनाये और उस सीरिज में उनका हाईएस्ट स्कोर 251* रहा।

वे इतने पर भी नहीं रुके बल्कि दुसरे साल और भी अच्छा परफॉर्म किया जिसमें उनके सात मैचों में साढ़े सात सौ से भी ज्यादा रन थे। लगभग 84 की औसत तथा 2 शतक के बाद अब वे नेशनल सीलेक्टर्स के नज़रों में भी आ चुके थे।

सिलेक्टरों ने उनके परफोर्मेंस के अनुसार उन्हें इंडिया U-19 में शामिल कर लिया और उनका पहला ही दौरा इंग्लैंड का था। वे अपने एक इंटरव्यू में कहते हैं की वे शुरुवात में थोड़ा नर्वस थे क्योंकि वे कभी एयरोप्लेन में सफ़र नहीं किये थे।

इंग्लैंड में तीन मैचों की श्रेणी में उन्होंने कुल 119 रन बनाये और भारत को विजय दिलाई ठीक ऐसा ही एक दौरा पाकिस्तान का भी था जिसमें उन्होंने अपना परचम लहराया था और भारत को जीत दिलाई थी। उनकी काबिलियत के अनुसार उन्हें इंडिया अंडर- 19 का कप्तान बनाया गया।

कप्तान बनने के बाद जैसे उनके खेल में एक निखार सा आया और अंडर-19 विश्वकप 2008 में उन्होंने 47 की औसत से 235 रन बनाये जिसमें वेस्टइंडीज़ के खिलाफ एक शतक भी शामिल था। विश्वकप जितने के बाद अब वे हर किसी के नज़र में आ गए थे और भारतीय टीम में चुने जाने के आसार बहुत तेज हो गए थे।


विराट कोहली के जीवन का सबसे ख़राब पड़ाव


विराट कोहली अभी अपने जीवन को शुरू ही किया था तभी उन्हें प्रकृति के सबसे बड़े सच का सामना करना पड़ा, जब उनके पिताजी को ब्रेन-स्ट्रोक हुआ और उनका देहांत हो गया। अब तक वे रणजी ट्राफी में चुने जा चुके थे और मैच खेलने दिल्ली की टीम के साथ निकल चुके थे।

जैसे ही उन्हें खबर मिली तो उन्होने अपने साथी इशांत शर्मा को ड्राइविंग करने को कहा और रात में ही अपने घर आये और अपने पिताजी को अंतिम श्राद्ध देकर वापस मैच खेलने चले गए उनका मानना था की अगर पिताजी जिन्दा होते तो वे कभी भी मैच छोड़कर आने को न कहते।

अगले दिन ही उनका कर्नाटक के सामने मैच था और आँखों में आँसू के साथ वे मैदान पर उतरे और शतक बनाकर अपने पिता को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद आज तक वे हर इंटरव्यू में अपने पिता का जिक्र जरुर करते हैं, क्योंकि वे अपने पिताजी के बेहद करीब थे।

विराट कोहली की सफ़लता - The success of virat kohli


उनके पिताजी के जाने के बाद वे थोड़ा अस्वस्थ रहने लगे और उनकी पारिवारिक हालत भी बेहद ही ख़राब हो गयी थी। यहाँ तक की उन्हें एक भाड़े के रूम में रहना पड़ा था। लेकिन ये सब तकलीफें उनका ज्यादा दिन रास्ता नहीं रोक सकीं।

भारतीय टीम में उनका चयन हो गया और उनकी हालत धीरे-धीरे सुधर गयी। सन 2009 में इमर्जिंग प्लेयर टूर्नामेंट में उन्होंने भारत को बढ़त दिलाई और दक्षिण आफ्रिका के खिलाफ शतक भी बनाया। उसके बाद वे रुके नहीं आईपीएल में भी वे धीरे-धीरे स्थापित हो रहे थे।

उसके बाद विराट कोहली रुके नहीं, अनेक मैचों में उन्होंने भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया और साल 2011 के विश्वकप में विजेता भारतीय टीम में वे भी शामिल थे। वन-डे के बाद टेस्ट और t20 में भी उन्होंने खुद को स्थापित किया और अनेक कीर्तिमान रचते गए।

विराट कोहली की फ़िटनेस जर्नी - Virat kohli fitness journey in Hindi


अपने शुरुवाती सफलता के बाद विराट कोहली स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सचेत नहीं थे बल्कि वे खाने-पिने के शौक़ीन हो चुके थे और एकदम ही गोल-मटोल होते जा रहे थे। लेकिन साल 2013 के टेस्ट में सेट बैक के बाद वे अपने फिटनेस को लेकर बहुत ही ज्यादा जागरूक हो गए और आज तक वह सिलसिला चला आ रहा है।



विराट कोहली अपने डाइट में प्रोटीन और मिनरल्स को ज्यादा तवज्जो देते हैं, जिसमें सुबह के ब्रेकफास्ट में ऑमलेट और फलों के रस को लेना पसंद करते हैं। दोपहर तथा रात के भोजन में अब वे शुद्ध शाकाहारी चीज़ें लेना शुरू कर दिए है। पहले वे मछली व चिकन लेते थे।

विराट कोहली जो पानी पिते हैं वह अल्क्लाइन वाटर होता है। जिसका PH दस से ज्यादा होता है। वे जिम करना बेहद ज्यादा पसंद करते हैं, जब मैच नहीं होते तब वे दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को वर्कआउट करते हैं।

विराट कोहली के अफेयर्स और शादी - Virat kohli affairs and marriage


विराट कोहली अपने इंटरव्यू में कई बार कहा हैं की शुरुवाती सफलता के बाद उनकी मानसिकता थोड़ी बिखर गयी थी जिसमें लेट नाईट पार्टी और एग्रेशन शामिल हो चूका था। विराट कोहली का नाम कई कंट्रोवर्सीस में भी आ चुका था।

उनके साथ कई लड़कियों का नाम जोड़ा जाने लगा, जिसके कारण वे आयेदिन न्यूज़ में बने रहते। शुरुवात में उनकी कुछ तस्वीरें एक्ट्रेस साराह-जेन के साथ आये, लोग मानने लगे थे की वे उनकी गर्लफ्रेंड हैं लेकिन यह भी एक रुमर निकला।

उसके बाद विराट कोहली का नाम संजना, तमन्ना भाटिया, इज़ाबेल, के साथ जुड़ा लेकिन वे सब भी रुमर्स ही साबित हुए। उनकी गर्लफ्रेंड अभिनेत्री मनीषा बहल थी लेकिन विराट की जिंदगी पूरी तरह से बदलना शुरू हो गयी जब उनके जीवन में अनुष्का शर्मा आयीं।

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने मीडिया से दूर रहकर शादी की और एक आदर्श कपल के रूप में एक मिशाल बने हुए है, दोनों जन को जिम करना बहुत ही पसंद है और कई इंटरव्यू में वे दोनों इस बात को जाहिर भी कर चुके हैं।



विराट कोहली को प्राप्त अवार्ड्स - Virat kohli awards in Hindi


कहते हैं की जब आप काबिल हो जाते हैं तो सब कुछ अपने आप आपके पास आने लगता है, विराट कोहली इसके ठीक उदाहरण हैं जो रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाते जा रहें हैं और पुराने रिकॉर्ड तोड़ भी रहे हैं। निचे उन्हें प्राप्त अवार्ड्स की सूचि है जिसमें भविष्य में और भी कई अवार्ड्स के जुड़ने की संभावना है।

  • 2012- पीपुल चॉइस अवॉर्ड फॉर फेवरेट क्रिकेटर
  • 2012- आाईसीसी ओडीआई प्लेयर ऑफ द इयर अवॉर्ड
  • 2013- अर्जुन अवॉर्ड फॉर क्रिकेट
  • 2017- सीएनएन-आईबीएन इंडियन ऑफ द इयर
  • 2017- पदम श्री अवॉर्ड
  • 2018- सर गर्फिएल्ड सोबर्स

Conclusion

इस लेख में आपने विराट कोहली की बायोग्राफी (Virat kohli biography Hindi) में पढ़ी आशा है, विराट कोहली की जीवनी आपको पसंद आई होगी। अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो इसे शेयर जरुर करें।

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