History of Indian cricket in Hindi - भारतीय क्रिकेट का इतिहास


History of Indian cricket in Hindi - भारतीय क्रिकेट का इतिहास

Indian cricket history in Hindi 


नमस्कार! इस लेख भारतीय क्रिकेट के इतिहास (Indian cricket history in Hindi) में आपका स्वागत है। आशा है आप सकुशल और स्वस्थ होंगे और सफलता के पथ पर रोज आगे बढ़ रहें होंगे। क्या आप भारत के क्रिकेट का इतिहास जानना चाहते हैं? अगर हाँ! तो यह लेख आपके लिए रोचक होने वाला है।

Indian cricket history in Hindi


भारत में क्रिकेट अब एक धर्म का रूप ले चुका है। आज हर गली मोहल्ले में कोई न कोई क्रिकेट खेलते नज़र आता ही है। तो चलिए जानते हैं की इस देश में क्रिकेट की नींव कहाँ से पड़ी? और किस तरह इस खेल पर भारतीयों ने अधिपत्य कर लिया।

आज से लगभग चार सौ साल पहले इंग्लैंड में जन्मा यह खेल भारत में अंग्रेजों के साथ आया। लगभग ढाई सौ साल अंग्रेजों ने भारत को गुलाम बनाकर रखा और अपने साल अपना यह खेल भी भारत लेकर आए। 

समय के साथ भारत देश आज़ाद हो गया और अंग्रेज अपने देश चले गए लेकिन उनका यह खेल क्रिकेट यहीं रह गया और भारतीयों ने पूरी तरह इस खेल को अपना लिया।

History of Indian cricket in Hindi


जब पहला अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला गया - When first cricket match played


हालांकि भारत में पहले क्रिकेट अंतराज्यीय और क्लब लेवल पर खेला जाता था लेकिन 1932 में भारत को अन्तराष्ट्रीय टेस्ट के लिए नाम दर्ज हुआ और 25 से 28 जून तक इंग्लैंड के लॉर्ड्स की जमीन पर पहला मैच खेला गया।

History of Indian cricket in Hindi - भारतीय क्रिकेट का इतिहास

हालांकि पहले क्रिकेट को भारत में सिर्फ अमीर लोग खेलते थे जिसमें राजा महाराजा और बड़े ऑफिसर्स शामिल होते थे लेकिन समय के साथ इसमें आम इंसान की रूचि भी बढ़ने लगी और हर किसी को यह पसंद आने लगा।

भारत की पहली क्रिकेट टेस्ट टीम- India’s 1st cricket test team


शुरुवात में भारतीय टीम में ज्यादातर अंग्रेज होते थे लेकिन धीरे-धीरे भारतीयों की संख्या इंडियन क्रिकेट टीम में बढ़ गयी। भारत के प्रथम क्रिकेट टेस्ट टीम के कैप्टन के रूप में लाला अमरनाथ को चुना गया जो एक विस्फ़ोटक बल्लेबाज़ थे।

शुरुवात में भारतीय टीम को एक कमज़ोर टीम माना जाता था लेकिन आजादी के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में धुवांधार खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने लगी। 

लगभग पचास के दशक से पहले विदेशी टीमें खुद को बड़ी टीम मानकर भारत से सिर्फ प्रैक्टिस मैच खेलती थीं लेकिन पचास के दशक के बाद भारत ने सबको एहसास दिला दिया की अब क्रिकेट का इतिहास और भविष्य दोनों बदलने वाला है।

भारत को 1952 में अपना पहला विजय इंग्लैंड के खिलाफ़ प्राप्त हुआ जब इंग्लैंड की टीम भारत से टेस्ट मैच की सीरिज खेलने आई थी। भारत के खिलाड़ियों को इस खेल का ज्यादा अनुभव नहीं था लेकिन फिर भी अंग्रेजों को एक मैच में हराकर बिगुल फूंका।

भले ही भारत वह सीरिज हार गया लेकिन उस एक जीत से पूरी दुनियाँ में भारत की वाह-वाही होने लगी थी। काफ़ी टीमें भारत के साथ मैच खेलने की इच्छा दर्शाने लगे थे। हालांकि भारत अपना पहला सीरिज़ 1952 में पाकिस्तान के सामने जीता। उसके बाद भारत को एक मजबूत टीम के रूप में देखा जाने लगा।

विदेशों में भारतीय क्रिकेट टीम की पहली जीत


समय के साथ भारत को भारत में हराना विदेशियों के लिए कठिन साबित होने लगा तो उन्होंने भारत को भारत के बाहर खेलने का आग्रह किया क्योंकि भारत में विकेट थोड़ी धीमीं और विकेट पर टर्न ज्यादा देखने को मिलता था लेकिन विदेशों में कंडीशन एकदम ही विपरीत होती थी, वहाँ विकेट पर उछाल और गति ज्यादा होती है।

भारत को विदेशों में पहली जीत सत्तर के दशक में मिली जहाँ भारतीय टीम में बिशन सिंह बेदी, ई.ए.एस. प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर और श्रीनिवास वेंकटराघवन जैसे घटक गेंदबाज़ थे और उन्ही दौर में बल्लेबाज़ के रूप में सुनील गावस्कर और गुंडप्पा विश्वनाथ जैसे महान बल्लेबाज़ भी थे।

भारतीय क्रिकेट टीम का वनडे में प्रवेश


1974 में पहली बार भारत ने वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया पहला वनडे भी इंग्लैंड के साथ खेला गया था। भारतीय क्रिकेट टीम को पहले वनडे में कमज़ोर माना जाता था। 

लेकिन साल 1983 आते आते पूरी दुनियाँ के लिए एक आश्चर्यजनक समय आया, जब कपिल देव के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टीम ने एकदिवसीय विश्वकप को जीता।

एक तरफ पूरी दुनियाँ में आश्चर्य का माहौल था वहीँ भारतीय लोगों में आत्मविश्वास तथा गर्व का बोलबाला था। क्योंकि वनडे में भारत सबसे कमज़ोर टीमों में से एक था और किसी ने यह नहीं सोचा था की भारत एक से ज्यादा मैच जीतेगा। लेकिन कपिल देव की टीम ने जाकर लड़ने का फैसला किया और नतीजा विश्वकप में जीत निकला।

भारतीय क्रिकेट इतिहास में बदलाव के समय


विश्वकप के हार के बाद बौखलाई वेस्टइंडीज़ की टीम भारत से मैच खेलने को एक बार फिर आतुर थी। वेस्टइंडीज़ की टीम भारत आई और बदकिस्मती से भारत पूरी सिरीज़ बुरी तरह से हार गया। लेकिन सबको आभास हो गया था की ये कुछ नया भारत है।

90 के दशक के शुरुवात में भारत के क्रिकेट में बड़े बदलाव आने शुरू हो चुके थे। उसी दशक सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जैसे महान खिलाड़ी मिले जिससे भारतीय क्रिकेट को और मजबूती मिली। लेकिन भारतीय क्रिकेट के बदलाव की वजह सौरव गांगुली की कप्तानी मानी जाती है।

साल 2001 में सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया। इस बार की टीम में आक्रामकता नज़र आ रही थी जिसमें जैसे को तैसा का एटीट्युड भरा हुआ था। गांगुली की कप्तानी में भारत विदेशों में जाकर उन्हें परास्त करने की कला सीखा और गांगुली की कप्तानी में ही भारत ने पहली बार ICC चैंपियन्स ट्राफी जीता।

2006 आते-आते भारत के पास गांगुली, तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर, लक्ष्मण जैसे बल्लेबाज़ और हरभजन, जहीर, इरफ़ान जैसे गेंदबाज़ आ चुके थे। 2007 में T-20 विश्वकप के लिए महेंद्रसिंह धोनी को कप्तानी दी गयी और उन्होंने अपना दौर लिखने की प्रक्रिया शुरू कर दी और कप्तानी के पहले ही साल भारत को t-20 वर्ल्डकप जीताया।

2009 भारत पहली बार टेस्ट में शीर्ष स्थान पर आ गयी जी भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि रहेगी। साल 2011 में विश्वकप का मेजबान भारत बना और सचिन-गंभीर-सहवाग, कोहली, युवराज, धोनी, जहीर खान जैसे खिलाड़ी अपना दम दिखाकर भारत को दूसरा एक दिवसीय विश्वकप जीताया।

History of Indian cricket in Hindi - भारतीय क्रिकेट का इतिहास

2013 में भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्रॉफी भी अपने नाम किया। साल 2015 में भारत ऑस्ट्रेलिया से सेमी-फ़ाइनल में हार गया, जिस टीम में सचिन तेंदुलकर की कमी सभी को खली। साल 2019 में भारत न्यूजीलैंड से सेमी-फ़ाइनल में हार गयी, और 2020 में अपने जन्मदिन पर महेंद्रसिंह धोनी ने संन्यास की घोषणा कर दी।

वर्तमान भारतीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में विराट कोहली कप्तान है। आज के समय में भारत के पास सबसे ज्यादा युवा और टैलेंटेड खिलाड़ी मौजूद हैं। गेंदबाजों के रूप में जसप्रीत बुमराह जैसे विश्वप्रसिद्ध गेंदबाज़ और रोहित शर्मा तथा विराट कोहली जैसे उच्च कोटि के बल्लेबाज़ हैं।

Conclusion

इस लेख में आपने भारतीय क्रिकेट टीम का इतिहास (History of Indian cricket team in Hindi) पढ़ा। आशा है, यह लेख आपको अच्छा लगा हो। अगर यह लेख आपको पसंद आया हो तो इसे शेयर जरुर करें।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ